
चंडीगढ़/दिल्ली:
पंजाब की राजनीति में उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब आम आदमी पार्टी (AAP) के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने एक साथ पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। इस बड़े घटनाक्रम के बाद पंजाब सरकार और संगठन में हड़कंप मच गया है।
ऑपरेशन लोटस का आरोप
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस दलबदल को ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने ‘ऑपरेशन लोटस’ के जरिए उनके सांसदों को डरा-धमकार या प्रलोभन देकर अपनी तरफ किया है। मान ने कहा, “यह उन विधायकों और पंजाब की जनता के साथ धोखा है जिन्होंने इन चेहरों को चुनकर सदन में भेजा था।”
शामिल होने वाले प्रमुख चेहरे
सूत्रों के अनुसार, भाजपा में शामिल होने वाले सांसदों में राघव चड्ढा, हरभजन सिंह, संदीप पाठक और स्वाति मालिवाल जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इन सांसदों ने राज्यसभा के सभापति को पत्र सौंपकर भाजपा में अपने विलय (Merger) की आधिकारिक सूचना दे दी है।
5 मई को राष्ट्रपति से मुलाकात
इस संवैधानिक और राजनीतिक संकट के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से समय मांगा है। बताया जा रहा है कि 5 मई को होने वाली इस मुलाकात के दौरान सीएम मान इन सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग करेंगे और भाजपा द्वारा राज्यों की चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करने के प्रयासों की शिकायत करेंगे।
विपक्ष का हमला
वहीं दूसरी ओर, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ये सांसद ‘आप’ की कार्यप्रणाली और अंदरूनी कलह से परेशान थे। पंजाब भाजपा के नेताओं का कहना है कि यह पंजाब के विकास के लिए एक नई शुरुआत है।
निष्कर्ष
7 सांसदों के जाने के बाद राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की ताकत काफी कम हो गई है, जिसका सीधा फायदा भाजपा को महत्वपूर्ण बिल पास कराने में मिलेगा। अब सबकी निगाहें 5 मई को राष्ट्रपति भवन में होने वाली मुलाकात पर टिकी हैं।
पंजाब की सियासत में बड़ा धमाका: AAP के 7 राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल, राष्ट्रपति से मिलेंगे सीएम भगवंत मान
