राष्ट्रपति से मिले सीएम भगवंत मान: ‘रिकॉल’ कानून की मांग और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का उठाया मुद्दा

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राष्ट्रपति से मिले सीएम भगवंत मान: ‘रिकॉल’ कानून की मांग और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का उठाया मुद्दा
Delhi
Jaspreet Singh | May 5, 2026
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नई दिल्ली, 5 मई, 2026:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने देश के वर्तमान राजनीतिक हालात और लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधा और कहा कि विपक्षी दलों को दबाने के लिए ED और CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति के सामने दल-बदल करने वाले निर्वाचित प्रतिनिधियों को वापस बुलाने के लिए ‘राइट टू रिकॉल’ (Right to Recall) जैसा सख्त कानून लाने की वकालत की। उन्होंने तर्क दिया कि जब कोई नेता जनता के जनादेश से गद्दारी कर दूसरी पार्टी में जाता है, तो जनता के पास उसे पद से हटाने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि दागी नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर ‘वॉशिंग मशीन’ की तरह साफ करना लोकतंत्र की हत्या है।

भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि पंजाब में ‘ऑपरेशन लोटस’ की कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी क्योंकि पंजाब के लोग और उनके प्रतिनिधि सिद्धांतों पर पहरा देना जानते हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से संविधान के संरक्षक के रूप में इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया ताकि चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करने की कोशिशों को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि वे लोगों के विश्वास और लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा के लिए हर स्तर पर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे

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राष्ट्रपति से मिले सीएम भगवंत मान: ‘रिकॉल’ कानून की मांग और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का उठाया मुद्दा

नई दिल्ली, 5 मई, 2026:पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने देश के वर्तमान राजनीतिक हालात और लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधा और कहा कि विपक्षी दलों को दबाने के लिए ED और CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति के सामने दल-बदल करने वाले निर्वाचित प्रतिनिधियों को वापस बुलाने के लिए 'राइट टू रिकॉल' (Right to Recall) जैसा सख्त कानून लाने की वकालत की। उन्होंने तर्क दिया कि जब कोई नेता जनता के जनादेश से गद्दारी कर दूसरी पार्टी में जाता है, तो जनता के पास उसे पद से हटाने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि दागी नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर 'वॉशिंग मशीन' की तरह साफ करना लोकतंत्र की हत्या है। भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि पंजाब में 'ऑपरेशन लोटस' की कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी क्योंकि पंजाब के लोग और उनके प्रतिनिधि सिद्धांतों पर पहरा देना जानते हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से संविधान के संरक्षक के रूप में इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया ताकि चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करने की कोशिशों को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि वे लोगों के विश्वास और लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा के लिए हर स्तर पर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे

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