
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य सहित पूरे देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। 294 सदस्यीय विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी ने 207 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करके पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है, जबकि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) महज 80 सीटों पर सिमट कर रह गई है। सबसे बड़ा उलटफेर भवानीपुर सीट पर देखने को मिला, जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने 15,000 से अधिक वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी है।
इस हार के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज कोलकाता में एक आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और साफ कर दिया कि वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगी। उन्होंने नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह चुनाव नहीं हारी हैं, बल्कि यह जनता के जनादेश की “लूट” और एक गहरी राजनीतिक साजिश है। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर पक्षपात करने के गंभीर आरोप लगाते हुए इस जीत को धक्केशाही करार दिया और इसे अपनी ‘नैतिक जीत’ बताया।
दूसरी ओर, भाजपा ने ममता के इस रवैये पर कड़ा एतराज जताया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी लोकतांत्रिक मर्यादाओं का अपमान कर रही हैं और जनता के फैसले को स्वीकार करने के बजाय संवैधानिक संकट पैदा कर रही हैं। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है। यदि ममता बनर्जी पद नहीं छोड़ती हैं, तो राज्यपाल आर.एन. रवि संवैधानिक शक्तियों का उपयोग करते हुए बहुमत वाली पार्टी को सरकार बनाने का न्योता दे सकते हैं। फिलहाल पूरे बंगाल में राजनीतिक तनाव का माहौल बना हुआ है।
भाजपा की बड़ी जीत के बावजूद ममता बनर्जी का इस्तीफा देने से इनकार: कहा- “मैं चुनाव नहीं हारी, यह वोटों की लूट है
