तमिलनाडु में ‘थलपति’ युग की शुरुआत: मुख्यमंत्री बनते ही विजय ने लिया बड़ा फैसला, 717 शराब की दुकानें बंद करने के दिए आदेश

0
तमिलनाडु में ‘थलपति’ युग की शुरुआत: मुख्यमंत्री बनते ही विजय ने लिया बड़ा फैसला, 717 शराब की दुकानें बंद करने के दिए आदेश
National News
Jaspreet Singh | May 12, 2026
Link Copied!

तमिलनाडु की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक मोड़ आया है। राज्य के बेहद लोकप्रिय अभिनेता से राजनेता बने विजय ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है। चेन्नई में आयोजित एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर उनके हजारों समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा, जो अपने चहेते नेता को सत्ता की कमान संभालते हुए देखने के लिए बेताब थे।

विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) ने राज्य की राजनीति में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। इस सरकार के गठन में एआईएडीएमके (AIADMK) के सी.वी. शनमुगम की अगुवाई वाले गुट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस गुट के समर्थन ने विजय की राह आसान कर दी और राज्य में एक नए राजनीतिक समीकरण को जन्म दिया है। जानकारों का मानना है कि यह गठबंधन राज्य के विकास और पुरानी राजनीतिक परंपराओं को बदलने के लिए एक मजबूत कदम साबित हो सकता है।

मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही विजय एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने अपने चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों पर अमल करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले बड़े फैसले के तहत, उन्होंने राज्य भर में स्कूलों, कॉलेजों और धार्मिक स्थलों के पास स्थित 717 सरकारी शराब की दुकानों (TASMAC) को तुरंत प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया। विजय ने फाइल पर हस्ताक्षर करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज में नैतिकता और सुरक्षा को बढ़ावा देना है।

काफी लंबे समय से राज्य के लोग मांग कर रहे थे कि शिक्षण संस्थानों और मंदिरों के पास शराब की बिक्री बंद होनी चाहिए क्योंकि इससे वहां का माहौल खराब होता था। विजय के इस साहसिक कदम का राज्य की महिलाओं और छात्र संगठनों ने जोरदार स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि यह फैसला न केवल अपराधों को कम करने में मदद करेगा, बल्कि युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाने में भी कारगर साबित होगा।

इस फैसले के साथ ही विजय ने यह संकेत दे दिया है कि उनकी सरकार केवल वादे करने में नहीं बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने में विश्वास रखती है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक सुधारों के लिए और कौन से बड़े कदम उठाती है। फिलहाल, पूरे तमिलनाडु में उनके समर्थकों के बीच जश्न का माहौल है और लोग इसे एक नई और सकारात्मक राजनीति की शुरुआत मान रहे हैं।

REGD NO: UDYAM-PB-06-0001174 डिजिटल मीडिया एसोसिएशन द्वारा मान्यता प्राप्त
द बॉर्डर ट्रिब्यून
स्थापना: 2026 thebordertribune.com देश की आवाज़

तमिलनाडु में ‘थलपति’ युग की शुरुआत: मुख्यमंत्री बनते ही विजय ने लिया बड़ा फैसला, 717 शराब की दुकानें बंद करने के दिए आदेश

तमिलनाडु की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक मोड़ आया है। राज्य के बेहद लोकप्रिय अभिनेता से राजनेता बने विजय ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है। चेन्नई में आयोजित एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर उनके हजारों समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा, जो अपने चहेते नेता को सत्ता की कमान संभालते हुए देखने के लिए बेताब थे। विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) ने राज्य की राजनीति में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। इस सरकार के गठन में एआईएडीएमके (AIADMK) के सी.वी. शनमुगम की अगुवाई वाले गुट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस गुट के समर्थन ने विजय की राह आसान कर दी और राज्य में एक नए राजनीतिक समीकरण को जन्म दिया है। जानकारों का मानना है कि यह गठबंधन राज्य के विकास और पुरानी राजनीतिक परंपराओं को बदलने के लिए एक मजबूत कदम साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही विजय एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने अपने चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों पर अमल करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले बड़े फैसले के तहत, उन्होंने राज्य भर में स्कूलों, कॉलेजों और धार्मिक स्थलों के पास स्थित 717 सरकारी शराब की दुकानों (TASMAC) को तुरंत प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया। विजय ने फाइल पर हस्ताक्षर करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज में नैतिकता और सुरक्षा को बढ़ावा देना है। काफी लंबे समय से राज्य के लोग मांग कर रहे थे कि शिक्षण संस्थानों और मंदिरों के पास शराब की बिक्री बंद होनी चाहिए क्योंकि इससे वहां का माहौल खराब होता था। विजय के इस साहसिक कदम का राज्य की महिलाओं और छात्र संगठनों ने जोरदार स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि यह फैसला न केवल अपराधों को कम करने में मदद करेगा, बल्कि युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाने में भी कारगर साबित होगा। इस फैसले के साथ ही विजय ने यह संकेत दे दिया है कि उनकी सरकार केवल वादे करने में नहीं बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने में विश्वास रखती है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक सुधारों के लिए और कौन से बड़े कदम उठाती है। फिलहाल, पूरे तमिलनाडु में उनके समर्थकों के बीच जश्न का माहौल है और लोग इसे एक नई और सकारात्मक राजनीति की शुरुआत मान रहे हैं।

Leave a Response