
पंजाब की राजनीति में आज उस समय बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब मुख्यमंत्री भगवंत मान के चचेरे भाई ज्ञान सिंह मान (Gian Singh Mann) आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। चंडीगढ़ स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। ज्ञान सिंह मान, जो संगरूर जिले के गांव सतौज के रहने वाले हैं, लंबे समय तक आम आदमी पार्टी (AAP) के सक्रिय नेता रहे हैं और उन्होंने 2014 से 2022 तक संगरूर सांसद कार्यालय के प्रभारी के रूप में भी सेवाएं निभाई थीं।
इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुनील जाखड़ ने कहा कि ज्ञान सिंह मान का भाजपा में आना पार्टी के लिए मालवा क्षेत्र में एक बड़ी मजबूती है। उन्होंने कहा कि ज्ञान सिंह जैसे जमीनी स्तर के नेताओं का ‘आप’ छोड़ना यह साबित करता है कि सत्ताधारी पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। ज्ञान सिंह मान ने भी पिछले कुछ समय से सरकार की नीतियों, विशेष रूप से बाढ़ प्रबंधन और प्रशासनिक कामकाज की खुलकर आलोचना की थी। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, नगर निगम चुनावों से ठीक पहले मुख्यमंत्री के परिवारिक सदस्य का विपक्षी दल में जाना आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी परेशानी और नामुशगी का सबब बन सकता है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान को बड़ा राजनीतिक झटका: चचेरे भाई ज्ञान सिंह मान भारतीय जनता पार्टी में शामिल
