
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से एक विशेष मुलाकात करने जा रहे हैं। इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा पार्टी बदलने वाले सांसदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उन्हें ‘रिकॉल’ (Recall) यानी वापस बुलाने से संबंधित कानून की मांग करना है। मुख्यमंत्री मान का तर्क है कि चुने हुए प्रतिनिधि जनता के जनादेश का अपमान करते हुए अपने निजी स्वार्थ के लिए पार्टियां बदल लेते हैं, जिससे लोकतंत्र के मूल ढांचे को नुकसान पहुंचता है। इसलिए जनता के पास ऐसा अधिकार होना चाहिए कि वह ऐसे प्रतिनिधियों को समय से पहले वापस बुला सके।
मुख्यमंत्री इस अवसर पर राष्ट्रपति को एक मांग पत्र भी सौंपेंगे, जिसमें दल-बदल विरोधी कानून को और मजबूत करने की वकालत की गई है। पंजाब में पिछले दिनों कुछ सांसदों द्वारा पार्टी बदलने के कारण राजनीतिक माहौल काफी गरमाया हुआ है। आम आदमी पार्टी का मानना है कि यदि कोई नेता चुनाव जीतने के बाद पार्टी बदलता है, तो उसकी सदस्यता तुरंत रद्द होनी चाहिए और वहां दोबारा चुनाव कराए जाने चाहिए। इस मुलाकात के दौरान पंजाब के लंबित पड़े फंडों और राज्य के अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
इस मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री मान द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किए जाने की भी संभावना है, जहां वह केंद्र सरकार और राष्ट्रपति के रुख के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आने वाले चुनावों में ‘नैतिकता’ के मुद्दे को उभारने के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। यदि ‘रिकॉल’ की मांग को गंभीरता से लिया जाता है, तो यह भारतीय चुनाव प्रणाली में एक बड़े बदलाव का आगाज़ होगा
मुख्यमंत्री मान की राष्ट्रपति से अहम मुलाकात, दल-बदलू सांसदों को वापस बुलाने की उठी मांग
