
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। भारतीय जनता पर्र्टी (BJP) ने राज्य की कुल 294 सीटों में से 206 सीटों पर शानदार जीत दर्ज करके दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है। इस बड़ी जीत के साथ पिछले 15 वर्षों से सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) को करारी हार का सामना करना पड़ा है, जो मात्र 81 सीटों पर सिमट कर रह गई है। सबसे बड़ा उलटफेर भवानीपुर सीट पर देखने को मिला, जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भाजपा उम्मीदवार ने 15,000 से अधिक मतों के अंतर से हरा दिया। अपनी हार के बाद ममता बनर्जी ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस बार भाजपा का वोट शेयर बढ़कर 45.8% हो गया है, जो पिछली बार के मुकाबले एक बड़ा उछाल है। दूसरी ओर, कांग्रेस और वामपंथी दलों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और वे मिलकर केवल 3 सीटें ही जीत सके। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने घोषणा की है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को होगा। यह दिन रबींद्रनाथ टैगोर की जयंती का है, जिसे पार्टी ‘सोनार बांग्ला’ के संकल्प की शुरुआत के रूप में देख रही है।
कोलकाता सहित पूरे पश्चिम बंगाल में भाजपा समर्थकों द्वारा जश्न मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने इस जीत को बंगाल की जनता की जीत बताया है। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा आलाकमान बंगाल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में किसके नाम पर मुहर लगाता है। इस जीत ने न केवल पूर्वी भारत में भाजपा की स्थिति मजबूत की है, बल्कि 2029 के आम चुनावों के लिए भी एक नया माहौल तैयार कर दिया है।
पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत, 15 साल बाद ममता बनर्जी के शासन का अंत
