CM की ‘शुक्राना यात्रा’ से पहले पुलिस की सख्ती: मलोट में बेरोजगार साझा मोर्चा के ‘आगू’ घरों में नजरबंद

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CM की ‘शुक्राना यात्रा’ से पहले पुलिस की सख्ती: मलोट में बेरोजगार साझा मोर्चा के ‘आगू’  घरों में नजरबंद
Malout
Jaspreet Singh | May 7, 2026
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मलोट : मुख्यमंत्री भगवंत मान की श्री मुक्तसर साहिब में होने वाली ‘शुक्राना यात्रा’ को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है, जिसके चलते आज बेरोजगारों को पुलिस की सख्ती का सामना करना पड़ा। मलोट में बेरोजगार साझा मोर्चा पंजाब के आगू रमन कुमार सहित कई सदस्यों को मुक्तसर पुलिस द्वारा उनके घरों में ही नजरबंद (डिटेन) कर दिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब बेरोजगारों ने केवल मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी रोजगार की मांग रखने की योजना बनाई थी।

बेरोजगार आगू रमन कुमार मलोट ने प्रशासन की इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठे बेरोजगारों से डर लग रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोर्चे का कोई भी मुर्दाबाद का नारा लगाने या काली झंडियां दिखाने का प्रोग्राम नहीं था, बल्कि वे सिर्फ एक मांग पत्र देकर अपनी बात रखना चाहते थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रखना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन सरकार द्वारा पुलिस के दम पर आवाज दबाई जा रही है। इस घटना के बाद बेरोजगार युवाओं में भारी रोष देखा जा रहा है।

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CM की ‘शुक्राना यात्रा’ से पहले पुलिस की सख्ती: मलोट में बेरोजगार साझा मोर्चा के ‘आगू’ घरों में नजरबंद

मलोट : मुख्यमंत्री भगवंत मान की श्री मुक्तसर साहिब में होने वाली 'शुक्राना यात्रा' को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है, जिसके चलते आज बेरोजगारों को पुलिस की सख्ती का सामना करना पड़ा। मलोट में बेरोजगार साझा मोर्चा पंजाब के आगू रमन कुमार सहित कई सदस्यों को मुक्तसर पुलिस द्वारा उनके घरों में ही नजरबंद (डिटेन) कर दिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब बेरोजगारों ने केवल मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी रोजगार की मांग रखने की योजना बनाई थी। बेरोजगार आगू रमन कुमार मलोट ने प्रशासन की इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठे बेरोजगारों से डर लग रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोर्चे का कोई भी मुर्दाबाद का नारा लगाने या काली झंडियां दिखाने का प्रोग्राम नहीं था, बल्कि वे सिर्फ एक मांग पत्र देकर अपनी बात रखना चाहते थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रखना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन सरकार द्वारा पुलिस के दम पर आवाज दबाई जा रही है। इस घटना के बाद बेरोजगार युवाओं में भारी रोष देखा जा रहा है।

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