
वरिष्ठ नेता मनप्रीत सिंह इयाली ने ‘शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत’ के सभी पदों और समन्वय समिति (तालमेल कमेटी) के संयोजक पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी लीडरशिप और पंथिक एकता पर सवाल उठाते हुए यह बड़ा फैसला लिया है।
अपने इस्तीफे के कारणों को स्पष्ट करते हुए मनप्रीत सिंह इयाली ने कहा कि 2 दिसंबर के हुकमनामा साहिब के अनुसार नैतिक अधिकार खो चुकी लीडरशिप का पीछे न हटना और पंथिक एकता का टूटना इसका मुख्य कारण है। इसी वजह से वह पार्टी की वर्तमान कार्यप्रणाली से असंतुष्ट होकर अपने सभी पदों को छोड़ रहे हैं।
भविष्य की राजनीतिक रणनीति के बारे में बात करते हुए इयाली ने बड़ा ऐलान किया कि वह कभी भी बीजेपी, बादल दल, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) का हिस्सा नहीं बनेंगे। उन्होंने साफ किया कि वह किसी भी पारंपरिक या दिल्ली आधारित पार्टी में शामिल नहीं होंगे।
उन्होंने आगे कहा कि वह हमेशा पंथ, पंजाब, पंजाबियत और कौम की चढ़दी कला (भलाई और प्रगति) के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। इस मकसद को पूरा करने के लिए वह भविष्य में पंथिक ताकतों के साथ मिलकर अपना काम जारी रखेंगे। इयाली के इस अचानक फैसले के बाद पंजाब की पंथिक राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल शुरू हो गई है।
मनप्रीत सिंह इयाली ने ‘शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत’ के सभी पदों और समन्वय समिति के संयोजक पद से दिया इस्तीफा
