
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार का पहला बड़ा कैबिनेट विस्तार आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। चेन्नई के लोक भवन में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने 23 नए विधायकों को मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार के साथ ही विजय कैबिनेट के कुल मंत्रियों की संख्या 10 से बढ़कर अब 33 हो गई है, जिससे राज्य में पहली बार गठबंधन सरकार का स्वरूप पूरी तरह सामने आया है।
इस कैबिनेट विस्तार की सबसे ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण बात यह रही कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस लगभग 59 साल के लंबे समय के बाद तमिलनाडु सरकार का हिस्सा बनी है। साल 1967 में सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस ने कभी भी राज्य में सत्ता साझा नहीं की थी। आज कांग्रेस के दो प्रमुख विधायकों—एस. राजेश कुमार (किल्लीयर) और पी. विश्वनाथन (मेलूर)—ने मंत्री के रूप में शपथ लेकर इस सूखे को खत्म किया है। कांग्रेस हाईकमांड और स्थानीय नेताओं ने इसे तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा ‘टर्निंग पॉइंट’ बताया है।
नए शामिल किए गए 23 मंत्रियों में से 21 मंत्री मुख्यमंत्री विजय की अपनी पार्टी टीवीके (TVK) के हैं। शपथ लेने वाले प्रमुख चेहरों में ए. श्रीनाथ, एस. कमाली, सी. विजयलक्ष्मी, आर.वी. रंजीतकुमार और कई अन्य युवा नेता शामिल हैं। इस नई कैबिनेट में सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों के साथ-साथ महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदायों को भी विशेष प्रतिनिधित्व दिया गया है, जिसमें तीन महिला मंत्री भी शामिल हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह विस्तार राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों जैसे उच्च शिक्षा, कृषि, आईटी और सामाजिक कल्याण में पैदा हुए प्रशासनिक खालीपन को भरेगा। दूसरी ओर, विजय के नेतृत्व वाले गठबंधन के कुछ अन्य सहयोगी दल जैसे वीसीके (VCK) और आईयूएमएल (IUML) फिलहाल इस शपथ ग्रहण समारोह का हिस्सा नहीं बने, लेकिन आने वाले दिनों में उनके लिए भी कैबिनेट में जगह खाली रखी गई है। राज्य की 234 सदस्यीय विधानसभा के नियमों के मुताबिक अधिकतम 35 मंत्री बनाए जा सकते हैं, जिसके कारण भविष्य में 2 और सीटों पर अन्य सहयोगियों को शामिल किए जाने की पूरी संभावना है।
तमिलनाडु कैबिनेट का बड़ा विस्तार: मुख्यमंत्री विजय की सरकार में 23 नए मंत्रियों ने ली शपथ, 59 साल बाद कांग्रेस की सरकार में वापसी
