सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद पंजाब में आदमखोर और आवारा कुत्तों को खत्म करने के लिए कल से शुरू होगा बड़ा अभियान, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अदालत का जताया आभार

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सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद पंजाब में आदमखोर और आवारा कुत्तों को खत्म करने के लिए कल से शुरू होगा बड़ा अभियान, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अदालत का जताया आभार
Punjab
Jaspreet Singh | May 21, 2026
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ऐलान किया है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद पंजाब सरकार कल यानी शुक्रवार, 22 मई 2026 से राज्य में बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की जान के लिए खतरा बने आदमखोर, आवारा और जानलेवा कुत्तों को खत्म करने के लिए बड़े पैमाने पर एक अभियान शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स (X) पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि यह कदम सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी था और उन्होंने इस ऐतिहासिक राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का तहे दिल से धन्यवाद किया।

दरअसल, यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच द्वारा 19 मई 2026 को सुनाए गए एक अहम फैसले के बाद आया है। अदालत ने अपने फैसले में डॉग लवर्स और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की उन सभी याचिकाओं को सिरे से खारिज कर दिया था, जिनमें नवंबर 2025 के आदेशों में संशोधन करने या उन्हें वापस लेने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर नागरिक को बिना किसी डर और खतरे के सम्मान के साथ जीने और खुलकर घूमने का पूरा अधिकार है, जिसके सामने कुत्तों के हमलों या काटने की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत ने प्रशासन को जनहित में पागल, रेबीज पीड़ित, लाचार-बीमार और बहुत ज्यादा आक्रामक या खतरनाक हो चुके कुत्तों को मौत का टीका (Euthanasia) लगाकर खत्म करने की अनुमति दे दी है। इसके अलावा स्कूलों, अस्पतालों, खेल के मैदानों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों जैसी भारी भीड़ वाले सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को तुरंत हटाने और उन्हें डॉग शेल्टरों में भेजने के निर्देशों को भी बरकरार रखा गया है।

पंजाब में वेटरनरी और अनुसंधान संस्थानों के अनुमानों के अनुसार आवारा कुत्तों की संख्या लगभग 5.19 लाख तक पहुंच चुकी है, जिसके कारण रोजाना मासूम बच्चों और राहगीरों पर हो रहे घातक हमले एक गंभीर चिंता का विषय बने हुए थे। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देशों पर राज्य के सभी नगर निगम कमिश्नरों और अतिरिक्त उपायुक्तों (ADCs) को तुरंत समन्वय बनाकर नतीजा-परक कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस अभियान के तहत खतरनाक कुत्तों को हटाने के साथ-साथ पशु जन्म नियंत्रण (ABC) नियमों के तहत नसबंदी और बड़े पैमाने पर टीकाकरण कार्यक्रम को भी तेज किया जाएगा। राज्य सरकार ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े इस मामले में किसी भी अधिकारी द्वारा बरती गई लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अदालती आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी

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सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद पंजाब में आदमखोर और आवारा कुत्तों को खत्म करने के लिए कल से शुरू होगा बड़ा अभियान, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अदालत का जताया आभार

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ऐलान किया है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद पंजाब सरकार कल यानी शुक्रवार, 22 मई 2026 से राज्य में बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की जान के लिए खतरा बने आदमखोर, आवारा और जानलेवा कुत्तों को खत्म करने के लिए बड़े पैमाने पर एक अभियान शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स (X) पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि यह कदम सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी था और उन्होंने इस ऐतिहासिक राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का तहे दिल से धन्यवाद किया। दरअसल, यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच द्वारा 19 मई 2026 को सुनाए गए एक अहम फैसले के बाद आया है। अदालत ने अपने फैसले में डॉग लवर्स और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की उन सभी याचिकाओं को सिरे से खारिज कर दिया था, जिनमें नवंबर 2025 के आदेशों में संशोधन करने या उन्हें वापस लेने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर नागरिक को बिना किसी डर और खतरे के सम्मान के साथ जीने और खुलकर घूमने का पूरा अधिकार है, जिसके सामने कुत्तों के हमलों या काटने की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत ने प्रशासन को जनहित में पागल, रेबीज पीड़ित, लाचार-बीमार और बहुत ज्यादा आक्रामक या खतरनाक हो चुके कुत्तों को मौत का टीका (Euthanasia) लगाकर खत्म करने की अनुमति दे दी है। इसके अलावा स्कूलों, अस्पतालों, खेल के मैदानों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों जैसी भारी भीड़ वाले सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को तुरंत हटाने और उन्हें डॉग शेल्टरों में भेजने के निर्देशों को भी बरकरार रखा गया है। पंजाब में वेटरनरी और अनुसंधान संस्थानों के अनुमानों के अनुसार आवारा कुत्तों की संख्या लगभग 5.19 लाख तक पहुंच चुकी है, जिसके कारण रोजाना मासूम बच्चों और राहगीरों पर हो रहे घातक हमले एक गंभीर चिंता का विषय बने हुए थे। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देशों पर राज्य के सभी नगर निगम कमिश्नरों और अतिरिक्त उपायुक्तों (ADCs) को तुरंत समन्वय बनाकर नतीजा-परक कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस अभियान के तहत खतरनाक कुत्तों को हटाने के साथ-साथ पशु जन्म नियंत्रण (ABC) नियमों के तहत नसबंदी और बड़े पैमाने पर टीकाकरण कार्यक्रम को भी तेज किया जाएगा। राज्य सरकार ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े इस मामले में किसी भी अधिकारी द्वारा बरती गई लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अदालती आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी

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