
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने दिल्ली दौरे के दूसरे चरण के तहत केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ उनके आवास पर एक बेहद महत्वपूर्ण और सकारात्मक बैठक की। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ सड़क प्रोजेक्टों को लेकर हुई बैठक के तुरंत बाद हुई इस दूसरी बड़ी बैठक में पंजाब के कृषि क्षेत्र, किसानों की जायज मांगों और आगामी खरीफ (साउनी) के सीजन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री चौहान ने पंजाब के किसानों की सराहना करते हुए देश को अनाज के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य के योगदान को सराहा और केंद्र सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग की घोषणा की।
इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खाड़ी देशों में चल रहे संभावित तनाव के कारण खादों की आपूर्ति प्रभावित होने का मुद्दा उठाया, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने विश्वास दिलाया कि पंजाब को फसलों के लिए खादों (Fertilizers) की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के निरंतर जारी रखी जाएगी। इसके साथ ही पंजाब में धान की खेती के कारण लगातार नीचे जा रहे भूजल स्तर और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को बचाने के लिए फसल विविधीकरण (Crop Diversification) के गंभीर मुद्दे पर दोनों सरकारों के बीच बड़ी सहमति बनी। केंद्र और पंजाब सरकार अब मिलकर मक्का, दालें, तिलहन, सूरजमुखी और बाजरा जैसी कम पानी और कम लागत वाली फसलों को बढ़ावा देंगी, ताकि किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा की जा सके।
बैठक में हाइब्रिड धान की किस्मों (जिनमें टूटा हुआ चावल की मात्रा अधिक होती है) का अध्ययन करने के लिए पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) के सदस्यों को शामिल कर एक विशेष कमेटी बनाने का निर्णय भी लिया गया। इसके साथ ही जल संरक्षण, राज्य में कपास (Cotton Mission) और बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के बारे में सकारात्मक फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री मान ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार अपने अन्नदाता के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और केंद्र से मिले इस आश्वासन से राज्य के कृषि ढांचे को नई मजबूती मिलेगी
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच उच्च स्तरीय बैठक, पंजाब को खादों की निरंतर आपूर्ति और फसल विविधीकरण के लिए मिला केंद्र का बड़ा आश्वासन
